उत्तराखंड के रामनगर के पास स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ी है

वन्य अधिकारियों की मानें तो यहां फिलहाल 231 टाइगर हैं.

नई गणना में संख्या बढ़ने की उम्मीद है. संभावना है सभी इलाकों को मिलाकर यहां पर बाघों की संख्या 300 पार कर जाए. 

नेचर, फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ कंजरवेशन के सालों से चल रहे प्रयासों का नतीजा है कि बाघों की संख्या बढ़ रही है.

बाघों की संख्या बढ़ने पर बाघों का आपसी संघर्ष और इंसानों के साथ उनका संघर्ष बढ़ने की आशंका बढ़ जाती हैं.

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों और स्थानीय वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक इस पूरे क्षेत्र में 300 से ज्यादा बाघ हो सकते हैं. 

रामगर फॉरेस्ट डिवीजन में 38 के आस-पास बाघ रिकॉर्ड हुए थे.

अभी इनकी संख्या 40 से 42 के बीच हो सकती है. 

बाघ हमेशा हिंसक नहीं होते. हमला या शिकार नहीं करते. ये कभी-कभी शर्माते भी हैं. 

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट के मुताबिक नेशनल वाइल्डलाइफ पार्क में बाघों को देखने के लिए सबसे प्रसिद्ध इलाकों में से एक है ढिकाला.

यहां पर बड़े पैमाने पर ग्रासलैंड हैं. यानी हरी-भरी घास का बड़ा मैदान. चारों तरफ जंगल. पानी. शिकार के लिए छोटे जानवर.

इसलिए यहां पर राज करता है बाघिन 'ग्रासलैंड वाली' और उसके बच्चों का परिवार. 

झिरना में कोठी रौ बाघ और उसके चार शावकों का राज चलता है.

लेकिन आपको ये दिखेंगे या नहीं ये इनका फैसला होता है. 

गर आप खुद को धैर्य के साथ झिरना में कुछ दिन या घंटे बिता सकते हैं तो आपको ये शानदार बाघों का परिवार देखने को मिल जाएगा.